तुम्हारे दिन के लिए, एक छोटी-सी दुनिया
Nisha,तुम्हारा एक और साल। जश्न की एक और वजह।
निशा, आज उन बातों को कहने का एक प्यारा-सा बहाना है जो आम दिनों में भी नज़र आती हैं—तुम्हारी छोटी-छोटी बातों की परवाह, पौधों को बढ़ते देखने की खुशी, और एक साधारण दोपहर को याद बना देने का तुम्हारा अंदाज़।
तुम्हारे लिए, अभी कुछ और भी हैछोटी-छोटी बातें।
बिलकुल तुम्हारी-सी।
कुछ बातें, एक-एक करके खोलने के लिए।
वे छोटी बातें, जो तुम्हें याद रहती हैं।
मेरी चाय कैसी होनी चाहिए, तुम्हें ठीक-ठीक याद रहता है। बात छोटी है, लेकिन किसी के इस तरह याद रखने में बहुत अपनापन होता है।
केक का आख़िरी निवाला।
केक का आख़िरी निवाला तुम मेरे लिए बचा देती हो। आज उस छोटी-सी आदत को अलग से शुक्रिया कहना है। उसके पीछे की परवाह नज़र आती है।
बालकनी की तुम्हारी छोटी-सी दुनिया।
पौधों में तुम्हारी खुशी देखना अच्छा लगता है। तुम्हारे साथ तो गमलों की मिट्टी बदलना भी एक याद रखने लायक दोपहर बन जाता है।
कुछ जन्मदिन की बातें, थोड़ी जगह माँगती हैं।
एक छोटा-सा लिफ़ाफ़ा। कुछ बातें, बस तुम्हारे लिए।
मोमबत्तियाँ बुझने से पहले, एक छोटी-सी दुआ।
तुम्हारे साल में आराम से पी गई चाय हो, बालकनी के पौधों के लिए जगह हो, और ऐसे छोटे पल हों जो बस तुम्हारे अपने लगें। जन्मदिन मुबारक, निशा।
उन सारी छोटी बातों के नाम, जो तुम्हें तुम बनाती हैं। जन्मदिन मुबारक।
Deepak
जन्मदिन की यह छोटी-सी दुनिया यहीं है, जब भी लौटकर आना चाहो।